भारतीय क्रिकेट में 2007-8 का वह दौर तब भारतीय क्रिकेट की कमान युवा विकेटकीपर बल्लेबाज़ महेंद्र सिंह धोनी को सौंप दी गयी थी ।

ताबातोड़ क्रिकेट यानिकि ट्वेन्टी-20 शुरु हो चुका था , दक्षिण अफ्रीका में पहले विश्वकप का आयोजन हुआ और टीम इंडिया ने इसे अपने नाम किया । लेकिन उस समय वर्ल्ड क्रिकेट में डेल स्टेन , शेन बांड , उमर गुल जैसे तेज गेंदबाजों का बोलबाला था । जो फिट भी हो और तेज गति से गेंदबाजी कर सके ।

उसी के बाद भारतीय क्रिकेट में एक्सपेरिमेंट शुरू हुए , भुवनेश्वर कुमार , महोम्मद शमी ने भी घरेलू क्रिकेट में अच्छा करने के बाद टीम इंडिया की चौखट पर दस्तक दी ।

इसी बीच 2008 में उत्तरप्रदेश ग़ाज़ियाबाद के सुदीप त्यागी का नाम अचानक सुर्खियों में आया । लगभग 6 फ़िट लम्बे सुदीप को श्रीलंका के खिलाफ टीम इंडिया में चुन लिया गया ।

अचानक !!!

कहते है क्रिकेट में सब कुछ अचानक हो सकता है लेकिन टीम इंडिया में एंट्री नही ।
तो इसके पीछे की कहानी हम आपको बताएंगे ।

दरअसल ग़ाज़ियाबाद के रहने वाले सुदीप उत्तरप्रदेश जूनियर क्रिकेट में अच्छा कर रहे थे , अच्छा कद , अच्छा रनअप , अच्छी स्पीड (140+) और अच्छी फ़िटनेस सब अच्छा था तो सुदीप का नजर में आना तय था । और ये नजर पड़ी उस समय के यूपी कप्तान और इंडियन टीम के सितारे महोम्मद कैफ की ।

कैफ ने 2007-8 रणजी सीजन में सुदीप त्यागी को टीम में जगह दी । और कप्तान के इस फ़ैसले को सुदीप ने सही साबित किया , पहले ही मैच में सुदीप ने 10 विकेट हासिल किए और टूर्नामेंट खत्म होते होते वो 41 विकेट के साथ टूर्नामेंट के सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज थे ।

राष्ट्रीय चयनकर्ताओं ने देर ना करते हुए सुदीप को राष्ट्रीय टीम में शामिल किया । 2009 में दिल्ली के फिरोज शाह कोटला मैदान में श्रीलंका की टीम के सामने सुदीप ने वन डे डब्यू किया । और सुदीप का पहला शिकार बने कुमार संगकारा ।

हालांकि खराब विकेट के कारण ये मैच बीच मे ही रद्द कर दिया गया ।

टीम इंडिया के लिए सुदीप ने 4 वनडे व 1 टी-ट्वेन्टी मैच खेला ।

2008-09 के घरेलू सीजन में चोट के कारण सुदीप ज्यादातर बाहर ही रहे । उसके बाद सुदीप इंडिया-ए की तरफ से ऑस्ट्रेलिया गए जहां उन्होंने 8 मैचों में 14 विकेट आपने नाम किये ।

लेकिन बीच बीच मे इंजरी व टीम इंडिया में शमी और भुवी के जगह बना लेने के कारण सुदीप की टीम इंडिया में वापसी नही हो पाई ।

इंजरी को लेकर सुदीप कहते है कि “इंजरी अपने हाथ मे नही होती , तेज गेंदबाजों के सामने ये दिक्कते हमेशा आती रहती है । बस इस समय पर अपने आपको दिमागी तौर पर मजबूत रखने की जरूरत होती है”।

सुदीप के कैरियर की बात करे तो उत्तरप्रदेश , सोराष्ट्र के लिए उन्होंने घरेलू क्रिकेट खेला , आईपीएल में वो धोनी की कप्तानी में सीएसके और सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलते नजर आए ।

फिलहाल सुदीप त्यागी पिछले तीन साल से वो हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन की तरफ से घरेलू क्रिकेट की तरफ से खेल रहे है ।

Cricage से बातचीत के दौरान सुदीप ने फ़्यूचर प्लान भी साझा किए , सुदीप कहते है कि वो अभी भी अपनी फ़िटनेस का पूरा ख्याल रख रहे है , अगले 3-4 साल वो अच्छा क्रिकेट खेलने का माद्दा रखते है । एसोसिएशन के लिए खेलने का मौका उन्हें मिलेगा वो अपना 100% देंगे ।

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